एक छोटा 6 साल का मासूम सा बच्चा अपनी छोटी बहन को लेकर गुरुद्वारे के एक तरफ कोने में बैठा हाथ जोडकर भगवान से न जाने क्या मांग रहा था । कपड़े में मैल लगा हुआ था मगर निहायत साफ, उसके नन्हे नन्हे से गाल आँसूओं से भीग चुके थे ।
बहुत लोग उसकी तरफ आकर्षित थे ,और वह बिल्कुल अनजान अपने भगवान से बातों में लगा हुआ था ।
जैसे ही वह उठा एक अजनबी ने बढ़ के उसका नन्हा सा हाथ पकड़ा ,और पूछा ,क्या मांगा भगवान से उसने कहा ,मेरे पापा मर गए हैं ,उनके लिए स्वर्ग मांगा, मेरी माँ रोती रहती है ,उनके लिए सब्र मांगा, और मेरी बहन माँ से कपडे सामान मांगती है उसके लिए पैसे मांगे ,तुम स्कूल जाते हो ? अजनबी का सवाल स्वाभाविक सा सवाल था ।हां जाता हूं, उसने कहा ।
किस क्लास में पढ़ते हो ? अजनबी ने पूछा नहीं अंकल पढ़ने नहीं जाता, माँ चने बना देती है ,वह स्कूल के बच्चों को बेचता हूँ ।
बहुत सारे बच्चे मुझ से चने खरीदते हैं, हमारा यही काम धंधा है बच्चे का एक एक शब्द मेरी रूह में उतर रहा था ।तुम्हारा कोई रिश्तेदार न चाहते हुए भी अजनबी बच्चे से पूछ बैठा ।पता नहीं, माँ कहती है गरीब का कोई रिश्तेदार नहीं होता ।
माँ झूठ नहीं बोलती,पर अंकल, मुझे लगता है मेरी माँ कभी कभी झूठ बोलती है,जब हम खाना खाते हैं हमें देखती रहती है ।
जब कहता हूँ माँ तुम भी खाओ, तो कहती है ,मैने खा लिया था, उस समय ऐसा लगता है ,माँ झूठ बोलती है ,बेटा अगर तुम्हारे घर का खर्च मिल जाये तो पढाई करोगे ?
बिल्कुलु नहीं ,क्यों पढ़ाई करने वाले, गरीबों से नफरत करते हैं अंकल,हमें किसी पढ़े हुए ने कभी नहीं पूछा – पास से गुजर जाते हैं ।अजनबी हैरान भी था और शर्मिंदा भी ।फिर उसने कहा हर दिन इसी इस गुरु द्वारे में आता हूँ, कभी किसी ने नहीं पूछा यहाँ सब आने वाले मेरे पिताजी को जानते थे – मगर हमें कोई नहीं जानता ।
बच्चा जोर-जोर से रोने लगा ,अंकल जब बाप मर जाता है ,तो सब अजनबी क्यों हो जाते हैं ? मेरे पास इसका कोई जवाब नही था… ऐसे कितने मासूम होंगे ,जो हसरतों से घायल हैं ।बस एक कोशिश कीजिये ,और अपने आसपास ऐसे ज़रूरत मंद यतीमों, बे सहारा लोगों को ढूंढिये और उनकी मदद किजिए …..मन्दिर, गुरुद्वारे ,चर्च ,मे सीमेंट या अन्न की बोरी देने से पहले अपने आस पास किसी गरीब को देख लेना शायद उसको आटे की बोरी की ज्यादा जरुरत हो ।कहीं इसे बच्चों को अपना भगवान मिल जाए
उस बच्चे का सवाल —
जब बाप मर जाता है, तो सब अजनबी क्यों हो जाते हैं?
दिल को भीतर तक हिला देता है।
कुछ समय के लिए एक गरीब बे सहारा की आँख मे आँख डालकर देखे, आपको क्या महसूस होता है ।भगवान सब की सोच को बदलें ,सभी जीवों में भगवान की आत्माओं का वास है ।चाहे मनुष्य हो ,जा जीव जंतु समझने का प्रयास करे……
सबके लियें अच्छे कर्म करने का प्रयास करें ।उस प्रभु जी की कृपा रात दिन हर पल बरस रहीं हैं ,अपनी जीवन यात्रा को सफल बनायें ।मालिक जी का शुक्रगुज़ार करें हमें सुबुद्धि दे ।
सीख:
जरूरतमंद और बेसहारा लोगों की मदद करना ही सबसे बड़ा धर्म और सच्ची इंसानियत है। 🙏

